मंगलवार, जनवरी 24, 2017

   वह दुनिया का सबसे अमीर आदमी है। एक बेटी है कोई ६ -७ वर्ष की , पत्नी को मरे कई साल गुज़र गए। कुछ लोग कहते हैं। बच्ची के पैदा होते ही माँ नहीं रही। रत्ना के पैदा होने के कई दिन बाद सेठ जी लन्दन से लौटे थे। फिर जा के उन्होंने पत्नी का अंतिम संस्कार किया। हिन्दू होते हुए भी उन्होंने पत्नी को वहीं बंगले के लान में दफना दिया था।

             यह बात लोगो समझ नहीं आयी ,क्यों उन्होंने ऐसा किया ? सेठ जी का व्यापार इतना फैला हुआ था की
बिटिया को वक्त ही नहीं दे पाते थे। महीनो हो जाते थे मिले उससे ,वक्त बीतने लगा ,आज रत्ना सात साल की हो चुकी थी।  आज उसका जन्म दिन था ,आज उसके पापा उसके साथ थे। केक काटने से पहले उसने पापा को एक खत दिया और कहा इसे आप रात में देखियेगा।

             खत पढ़ने के बाद उन्होंने ने अपने सारे व्यापार की जिम्मेवारी अपने दोस्त पाठक जी को दे दी और अपना सारा समय बेटी को देने लगे बेटी जब दस साल की हुई सेठ जी सारा व्यापार पाठक ने हथिया लिया था।


          बेटी रत्ना अब समझदार हो चुकी थी। उसको मालुम था ,आज उनकी जो पोजिशन है उसकी एक वजह वह भी है उसने सोच लिया वह अपने पापा का धन वापस ले कर रहेगी।  और फिर शुरू होता है एक बेटी का युद्ध और जीत भी उसी की हुई 

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