सोमवार, जून 29, 2009

पाप

रोज एक पाप करता हूँ ,

उन्हें देख कर ,सुबह की अजान देता हूँ ,

वर्षों से यही कर रहा हूँ ,

अब बूढा हो गया हूँ आँखों ,

से दिखता नही ,बेटे मेरी आदत को जानते हैं ,
आपरेशन नही करा रहें हैं ,

........उनको इस बात का पता चल गया ,
दुसरे दिन मेरे नाम का एक ड्राफ्ट आया ,
उसमें लिखी हुई रकम इतनी थी की ,
बच्चे मेरे फ़िर से मुझे प्यार करने लगे ,
फ़िर आखों का आपरेशन भी हो गया ,
........अब मैं देख सकता हूँ उन्हें ,
हाथ हिला के अजान देने को कहा उन्होंने ,

3 टिप्‍पणियां:

Nirmla Kapila ने कहा…

sundar bhaavaviyakti hai shubhakaamanaayeM

PREETI BARTHWAL ने कहा…

सुन्दर बहुत सुन्दर ।

‘नज़र’ ने कहा…

बहुत ही बढ़िया

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विज्ञान । HASH OUT SCIENCE